आत्मिक शांति, पाप मुक्ति, आंतरिक शक्ति एवं देवाधिदेव महादेव की कृपा प्रदायक मंत्र
“शिव मंत्र मोक्ष प्रदायक और मृत्यु-भय नाशक माना गया है। देवाधिदेव महादेव का स्मरण समस्त नकारात्मक विचारों, पापों और क्लेशों को भस्म कर जीवन में परमानंद का संचार करता है।”
शिव मंत्र साक्षात् 'शिव तत्व' को जागृत करता है जो साधक के अंतःकरण को शुद्ध कर शत्रुओं, भय और व्याधियों का समूल नाश करता है। इसे 'रक्षा कवच महामंत्र' भी कहा जाता है। चतुर्दशी तिथि, सावन सोमवार अथवा प्रदोष काल में शिव मंत्र का जप करना अनंत गुना फलदायी होता है। नियमित शिव आराधना से भौतिक सुख, आरोग्य, आत्मबल और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।
श्वेत वस्त्र, कुशा का आसन, रुद्राक्ष माला, बेलपत्र, श्वेत पुष्प एवं भस्म
सोमवार, प्रदोष, मासिक शिवरात्रि, महाशिवरात्रि एवं शिव वास काल
अनुष्ठान अनुसार 1,25,000 बार (नित्य न्यूनतम 1 माला / 108 बार)
'शिव' शब्द का अर्थ है 'परम कल्याणकारी' और 'सर्वथा शुद्ध'। भगवान शिव त्रिगुणातीत (सत्व, रज, तम से परे) परमात्मा हैं। समस्त ब्रह्मांडीय ध्वनियों और मंत्रों के मूल स्रोत भगवान शिव ही हैं। वे मृत्युंजय, पशुपति, नीलकंठ और आशुतोष (शीघ्र प्रसन्न होने वाले) हैं। मात्र 'शिव' नाम के उच्चारण से मन और आत्मा पवित्र हो जाते हैं।
शिव मंत्र का जप भय, अवसाद (Depression), अनिद्रा और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है। यह अंतर्मन को असीम शांति और आत्मबल प्रदान करता है। ज्योतिष में जन्म कुंडली के मारकेश ग्रहों, राहु-केतु और शनि की पीड़ा से मुक्ति हेतु शिव पंचाक्षरी मंत्र का जप सर्वोत्तम उपाय है।
मोक्ष प्रदायक, पाप नाशक एवं सर्व कल्याणकारी मूल मंत्र — नित्य 108 बार जपें
भगवान रुद्र की कृपा एवं मनोकामना पूर्ति हेतु
सद्बुद्धि, आत्मतेज एवं शिव साक्षात्कार हेतु
पूजा एवं ध्यान के समय एकाग्रता हेतु
समस्त ज्ञात-अज्ञात पापों और अपराधों की क्षमा याचना हेतु
स्क्रीन पर टैप करके या 'जप करें' बटन दबाकर 108 बार मंत्र का जाप पूरा करें। आपका जप रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा।