रहस्यमयी लाल किताब के अनुसार अपनी जन्म कुण्डली, पक्के घर के ग्रह, पितृ व मातृ ऋण की पहचान करें और जीवन के संकटों से मुक्ति पाने के अचूक व सरल घरेलू उपाय जानें।
लाल किताब जटिल पूजा-पाठ के बिना केवल सरल, स्वाभाविक और कर्म-आधारित उपायों द्वारा ग्रहों की शांति करती है।
पूर्वजन्म या पूर्वजों के कर्मों से उत्पन्न पितृ ऋण, मातृ ऋण, स्त्री ऋण और स्व-ऋण का सटीक निदान।
कुंडली के सोए हुए भावों और निष्क्रिय ग्रहों को पहचानकर उन्हें जागृत करने की अचूक विधियां।
जल प्रवाह, पशु-पक्षी सेवा, तांबे का दान जैसी दैनिक क्रियाओं से ग्रहों के अशुभ प्रभाव को शून्य करना।
हर जन्मदिन पर बदलने वाली ग्रहों की स्थिति के अनुसार आने वाले 365 दिनों की सुरक्षा व प्रगति योजना।
सटीक लाल किताब कुंडली, पितृ ऋण विश्लेषण और व्यक्तिगत उपाय तुरंत देखें।
जब कुंडली में कोई ऋण होता है, तो शुभ ग्रह भी अपना फल देना बंद कर देते हैं। जानिए इन ऋणों के लक्षण:
बृहस्पति पीड़ित होने पर सम्मान की हानि, बाल झड़ना और संतान में बाधा। मंदिर में पारिवारिक दान से शांति।
चंद्रमा पीड़ित होने पर मानसिक कष्ट, धन हानि और माता को रोग। बहते जल में चांदी बहाने से शांति।
शुक्र के सूर्य/राहु से पीड़ित होने पर वैवाहिक कलह व विलंब। 100 गायों को चारा खिलाने से शांति।
प्रत्येक ग्रह के 1 से 12 भावों में फल, सावधानियां और 43-दिवसीय अचूक घरेलू उपाय विस्तार से पढ़ें:
लाल किताब परिचय, 1941 फरमान व 43-दिन के नियम पढ़ेंलाल किताब के उपायों के नियम, समय और सावधानियों से जुड़ी पूरी जानकारी।