वैदिक ज्योतिष पोर्टल

सटीक गणनाएं व फ्री रिपोर्ट्स

Switch to English Website
For Developers Astrology & Panchang APIs ↗
प्रामाणिक वैदिक मंत्र संग्रह व उपाय

महामृत्युंजय मंत्र

अकाल मृत्यु हरण, दीर्घायु, कायाकल्प एवं असाध्य रोग नाशक भगवान त्र्यंबकेश्वर महामंत्र

वैदिक परंपरा: 14 प्रमुख देवी-देवता व ग्रह मंत्र
ध्वनि तरंग: मंत्र शक्ति एवं कंपन प्रभाव
जप नियम: माला, दिशा एवं समय निर्देश

महामृत्युंजय मंत्र (Mahamrityunjay Mantra)

“महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव को समर्पित मृत्यु-विजेता महामंत्र है। 'मृत्युंजय' भगवान शिव का ही पावन नाम है — जिन्होंने काल और मृत्यु पर विजय प्राप्त की है।”

ऋग्वेद और यजुर्वेद में वर्णित महामृत्युंजय मंत्र अकाल मृत्यु के भय, असाध्य रोगों और घोर संकटों से मुक्ति दिलाने वाला साक्षात् संजीवनी मंत्र है। सर्वप्रथम यह मंत्र महर्षि मार्कंडेय को प्राप्त हुआ था, जिसके बल पर उन्होंने यमराज को भी परास्त कर दिया था। रुद्राक्ष भगवान शिव का प्रिय अंश है, इसलिए इस मंत्र का जप रुद्राक्ष की माला से किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र में शनि के कुप्रभाव, मारकेश दशा और साढ़ेसाती के निवारण हेतु महामृत्युंजय जप सर्वोत्तम माना गया है।

महामृत्युंजय मंत्र जप के आवश्यक नियम एवं सामग्री


वस्त्र, आसन व सामग्री

श्वेत वस्त्र, कुशा का आसन, रुद्राक्ष माला, श्वेत पुष्प, गंगाजल, काले तिल

शुभ समय व मुहूर्त

सोमवार, प्रदोष काल, महाशिवरात्रि, सावन मास एवं शिव वास का समय

कुल जप संख्या

रोग मुक्ति हेतु 1,25,000 बार (प्रतिदिन न्यूनतम 108 बार या 11 माला)


महामृत्युंजय रूप में भगवान शिव

महामृत्युंजय मंत्र को 'त्र्यम्बकम मंत्र' भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है त्रिनेत्रधारी भगवान रुद्र। देवाधिदेव महादेव काल के भी महाकाल हैं। वे संहारक होने के साथ-साथ परम कल्याणकारी और अमृत प्रदाता हैं। भगवान शिव की कृपा से साधक के समस्त जन्म-जन्मांतर के पाप, रोग, भय और कष्ट भस्म हो जाते हैं तथा उसे मोक्ष और अमरत्व की अनुभूति प्राप्त होती है।


महामृत्युंजय मंत्र जप के प्रमुख लाभ

यह मंत्र प्राण रक्षा, स्वास्थ्य लाभ, दीर्घायु और असाध्य रोगों (जैसे कैंसर, हृदय रोग, पक्षाघात आदि) से मुक्ति दिलाने में रामबाण औषधि का कार्य करता है। जन्म कुंडली में मारकेश ग्रहों, राहु-केतु के सर्प दोष या शनि की पीड़ा से ग्रस्त व्यक्ति को यह अभय कवच प्रदान करता है। घर में इसका नित्य पाठ होने से दुर्घटना, अकाल मृत्यु का भय और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है तथा मन को परम शांति मिलती है।


मृत संजीवनी महामृत्युंजय महामंत्र

संपूर्ण संपुटित महामृत्युंजय मंत्र — अकाल मृत्यु निवारण, असाध्य रोग मुक्ति और दीर्घायु हेतु सर्वोपरि

ॐ ह्रौं जूं सः भूर्भुवः स्वः त्र्यम्बकम् यजामहे सुगन्धिम् पुष्टिवर्धनम् |
उर्वारूकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात् भूर्भुवः स्वरों जूं सः ह्रौं ॐ ||
Om Hruang Jung Sah Bhurbhuvah Swah Trayambakam Yajamahe Sugandhim Pustiwardham |
Urwarukmivbandhanaan Mrityormuksheey mamritat Bhurbhuvah Swaraung Jung Sah Hraung Om ||

मूल मृत्युंजय मंत्र (त्र्यम्बकम मंत्र)

ऋग्वैदिक मूल मंत्र — नित्य 108 बार जप करने से आरोग्य एवं शांति मिलती है

|| ॐ त्र्यम्बकम् यजामहे सुगन्धिम् पुष्टिवर्धनम्, उर्वारूकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात् ||
|| Om Trayambakam Yajamahe Sugandhim pustivardham, Urwarukmivbandhanaan Mrityormuksheey mamritaat ||

एकाक्षर मृत्युंजय बीज मंत्र

भगवान शिव का एकाक्षरी बीज मंत्र

|| ह्रौं ||
|| Hruang ||

त्र्यक्षर मृत्युंजय बीज मंत्र

मानसिक शांति एवं प्राण ऊर्जा रक्षा हेतु

|| ॐ जूं सः ||
|| Om Jung Sah ||

चतुराक्षर मृत्युंजय मंत्र

रोग एवं भय निवारण हेतु

|| ॐ ह्रौं जूं सः ||
|| Om Hraung Jung Sah ||

नवाक्षर मृत्युंजय रक्षा मंत्र

समस्त विपत्तियों से सुरक्षा एवं शिव कृपा हेतु

|| ॐ जूं सः "पालय-पालय" ||
|| Om Jung Sah "Paalay-Paalay" ||
डिजिटल जप माला काउंटर (108 Japa Mala)

महामृत्युंजय मंत्र - 108 जप साधना

स्क्रीन पर टैप करके या 'जप करें' बटन दबाकर 108 बार मंत्र का जाप पूरा करें। आपका जप रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा।

0
/ 108 जप
पूर्ण मालाएं (Completed Malas): 0
प्रातः दैनिक ज्योतिष अलर्ट
100% निःशुल्क • कोई स्पैम नहीं

प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे अपने मोबाइल/डेस्कटॉप पर आज की तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल एवं आज का राशिफल प्राप्त करें।

दैनिक अलर्ट सक्रिय हैं
प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे

आपके इस डिवाइस पर दैनिक पंचांग, शुभ मुहूर्त व आज का राशिफल अलर्ट चालू हैं।