शत्रु स्तम्भन, वाद-विवाद विजय, सुरक्षा एवं नकारात्मक ऊर्जा नाशक पीताम्बरा देवी मंत्र
“माँ बगलामुखी मंत्र शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने, कोर्ट-कचहरी के विवादों को जीतने और समस्त नकारात्मक शक्तियों का स्तम्भन (निष्क्रिय) करने का अचूक अस्त्र है।”
माँ बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या हैं। इन्हें 'पीताम्बरी' भी कहा जाता है। माँ बगलामुखी मंत्र का अनुष्ठान सर्वतोमुखी सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता, कर्जों से मुक्ति तथा असाध्य रोगों और दुर्घटनाओं से रक्षा प्रदान करता है। इस मंत्र के नियमित जप से विरोधी और ईर्ष्या करने वाले व्यक्ति की दुर्भावना और षड्यंत्र पूरी तरह शांत व निष्फल हो जाते हैं।
पीले वस्त्र, पीला आसन, हल्दी की माला एवं पीले पुष्प (कनेर/गेंदा)
शुक्ल पक्ष, गुरुवार, शुभ नक्षत्र अथवा रात्रि का समय (निशीथ काल)
अनुष्ठान हेतु 1,25,000 बार (या प्रतिदिन 1, 3 या 5 माला)
माँ बगलामुखी को 'वल्गामुखी' भी कहा जाता है। 'वल्गा' का अर्थ होता है लगाम, जो शत्रु की जिह्वा और बुद्धि को बाँधकर वश में करने की सूचक है। माँ पीताम्बरी का वर्ण स्वर्णिम पीला है और वे स्वर्ण सिंहासन पर विराजमान हैं। माँ बगलामुखी को 'ब्रह्मास्त्र रूपिणी' और 'स्तम्भन शक्ति' के नाम से भी जाना जाता है। वे दुष्टों का दलन कर अपने साधक को वाक्-सिद्धि, अटूट आत्मविश्वास और अभय वरदान प्रदान करती हैं।
बगलामुखी मंत्र विशेष रूप से राजनीतिज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों, वकीलों, व्यापारियों तथा उन लोगों के लिए अत्यंत कल्याणकारी है जो झूठे मुकदमों, षड्यंत्रों, भारी कर्ज या व्यावसायिक संकटों से जूझ रहे हैं। यह मंत्र वाद-विवाद, साक्षात्कार और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी असीम आत्मविश्वास और सफलता दिलाता है। इसके अलावा नजर दोष, तांत्रिक बाधाओं और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा हेतु यह अचूक रक्षा कवच है।
शत्रु की वाणी व बुद्धि का स्तम्भन कर विजय दिलाने वाला महामंत्र
मनोवांछित फल, धन-वैभव एवं समस्त कार्यों में विजय प्राप्ति हेतु
स्क्रीन पर टैप करके या 'जप करें' बटन दबाकर 108 बार मंत्र का जाप पूरा करें। आपका जप रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा।