अपनी जन्म राशि के स्वामी ग्रह को बलवान करने एवं भाग्योदय हेतु 12 राशि मंत्र
“वैदिक ज्योतिष में राशि का अर्थ चंद्र राशि (Moon Sign) से है, अर्थात् जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में स्थित था। अपनी राशि के बीज मंत्र का नित्य जप करने से सोया हुआ भाग्य जाग्रत होता है।”
राशि मंत्रों का जप किसी भी समय और किसी भी स्थान पर किया जा सकता है। प्रातःकाल अपनी दिनचर्या की शुरुआत अपनी राशि के मंत्र से करने पर पूरे दिन सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। किसी नए कार्य, व्यापार, परीक्षा, साक्षात्कार या यात्रा पर जाने से पूर्व अपनी राशि के बीज मंत्र का स्मरण करने से सफलता की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाती हैं। यह मंत्र भय, रोग, मानसिक भ्रम और अज्ञात बाधाओं को दूर करने की अद्भुत क्षमता रखते हैं।
रुद्राक्ष, तुलसी या चंदन माला, पूर्व दिशा
प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त अथवा संध्या काल
प्रतिदिन 11 बार, 21 बार या 1 माला (108 बार)
ज्योतिष चक्र में कुल 12 राशियां हैं और प्रत्येक राशि का एक स्वामी ग्रह होता है। प्रत्येक राशि के स्वामी ग्रह के अनुसार उसका विशिष्ट बीज मंत्र और अधिष्ठाता मंत्र निर्धारित है। अपनी राशि का मंत्र जपने से राशि स्वामी ग्रह बलवान होता है और शुभ फल प्रदान करता है।
नियमित रूप से अपनी राशि के बीज मंत्र का जप करने से आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता में वृद्धि होती है। यह कुंडली के अशुभ गोचर एवं ढैय्या-साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करता है और जीवन में सुख, शांति, मान-सम्मान व आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।
मेष राशि स्वामी: मंगल देव — साहस एवं ऊर्जा वृद्धि हेतु
वृषभ राशि स्वामी: शुक्र देव — सुख, समृद्धि एवं आकर्षण हेतु
मिथुन राशि स्वामी: बुध देव — बुद्धि, व्यापार एवं वाणी सिद्धि हेतु
कर्क राशि स्वामी: चन्द्र देव — मानसिक शांति एवं एकाग्रता हेतु
सिंह राशि स्वामी: सूर्य देव — मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा एवं आत्मतेज हेतु
कन्या राशि स्वामी: बुध देव — ज्ञान, सफलता एवं आर्थिक लाभ हेतु
तुला राशि स्वामी: शुक्र देव — ऐश्वर्य, वैभव एवं संबंध सुधार हेतु
वृश्चिक राशि स्वामी: मंगल देव — पराक्रम, विजय एवं शत्रु नाश हेतु
धनु राशि स्वामी: देवगुरु बृहस्पति — आध्यात्मिक उन्नति एवं भाग्य वृद्धि हेतु
मकर राशि स्वामी: शनि देव — कर्म सिद्धि, धैर्य एवं शनि शांति हेतु
कुंभ राशि स्वामी: शनि देव — बाधा निवारण एवं आर्थिक स्थिरता हेतु
मीन राशि स्वामी: देवगुरु बृहस्पति — सुख-शांति, ज्ञान एवं मोक्ष हेतु
श्री लक्ष्मीनारायण कृपा एवं धन-वैभव प्राप्ति हेतु
भगवान श्री गोपाल कृपा एवं मनोकामना पूर्ति हेतु
भगवान श्रीकृष्ण कृपा एवं सर्व कार्य सिद्धि हेतु
हिरण्यगर्भ परमात्मा कृपा एवं आरोग्य प्राप्ति हेतु
जगदाधार ब्रह्म कृपा एवं वर्चस्व वृद्धि हेतु
भगवान पीताम्बर विष्णु कृपा एवं व्यापार वृद्धि हेतु
परमतत्व निरंजन कृपा एवं सुख-शांति हेतु
भगवान नृसिंह नारायण कृपा एवं सर्व भयमुक्ति हेतु
भगवान देवकृष्ण कृपा एवं विद्या-ज्ञान वृद्धि हेतु
भगवान वत्सल कृपा एवं शनि पीड़ा शांति हेतु
भगवान अच्युत कृपा एवं संकट निवारण हेतु
उद्धारक परमात्मा कृपा एवं मोक्ष प्राप्ति हेतु
स्क्रीन पर टैप करके या 'जप करें' बटन दबाकर 108 बार मंत्र का जाप पूरा करें। आपका जप रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा।