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प्रामाणिक वैदिक मंत्र संग्रह व उपाय

हनुमान मंत्र

शारीरिक बल, साहस, भयमुक्ति, संकटमोचन एवं शनि-राहु पीड़ा शांति हेतु पवनपुत्र मंत्र

वैदिक परंपरा: 14 प्रमुख देवी-देवता व ग्रह मंत्र
ध्वनि तरंग: मंत्र शक्ति एवं कंपन प्रभाव
जप नियम: माला, दिशा एवं समय निर्देश

हनुमान मंत्र (Lord Hanuman Mantra)

“महाबली संकटमोचन हनुमान जी असंभव को भी संभव करने वाले हैं। हनुमान मंत्र का नित्य जप समस्त प्रकार के भय, संकट, बाधाओं और नकारात्मक ऊर्जा का नाश करता है।”

जो साधक नियमित रूप से हनुमान मंत्र का जप करता है, उसे कभी भूत-पिशाच, ऊपरी बाधा या बुरी शक्तियों का भय नहीं सताता। हनुमान मंत्र का पाठ असीम आत्मबल, शौर्य और प्राण ऊर्जा प्रदान करता है। ज्योतिष के अनुसार, हनुमान जी की उपासना से शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और मंगल दोष के दुष्प्रभाव पूरी तरह शांत हो जाते हैं। बच्चों के मन से भय दूर करने के लिए भी यह मंत्र रामबाण है।

हनुमान मंत्र जप के आवश्यक नियम एवं पूजन विधि


वस्त्र, आसन व पुष्प

लाल वस्त्र, लाल आसन, सिंदूर, चमेली का तेल, लाल पुष्प (गुड़हल/गुलाब)

शुभ समय व मुहूर्त

मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती, अमृत सिद्धि व सिद्ध योग

कुल जप संख्या

अनुष्ठान अनुसार 11,000, 21,000 अथवा प्रतिदिन 108 बार


भगवान हनुमान जी का दिव्य स्वरूप

श्री हनुमान जी भगवान शिव के ग्यारहवें रुद्रावतार हैं और प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त हैं। वे कलयुग के जाग्रत देव हैं जो अपने भक्तों की पुकार तुरंत सुनते हैं। हनुमान जी अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता हैं। वे बल, बुद्धि, विद्या और अतुलित पराक्रम के स्वामी होते हुए भी परम विनम्र और कृपालु हैं। उनकी शरण में आने वाले को निर्भयता और विजय का वरदान प्राप्त होता है।


हनुमान मंत्र जप के प्रमुख लाभ

हनुमान मंत्र का नित्य जप करने से असाध्य रोगों, अचानक आने वाले संकटों, कोर्ट-कचहरी और शत्रु बाधा से मुक्ति मिलती है। यह शरीर में स्फूर्ति, बल और पराक्रम का संचार करता है तथा आलस्य व डिप्रेशन को दूर करता है। पारिवारिक क्लेश, वैवाहिक अड़चनों, कर्जों और मानसिक तनाव को दूर करने में हनुमान मंत्र अत्यंत चमत्कारिक फल प्रदान करता है।


हनुमान मूल बीज मंत्र

शारीरिक बल, ऊर्जा, आत्मविश्वास और संकट निवारण हेतु सर्वप्रिय मंत्र

|| ॐ हनुमते नमः ||
|| Om Hanumate Namah ||

पवनपुत्र हनुमान मंत्र

शीघ्र मनोकामना पूर्ति एवं भयमुक्ति हेतु

|| हं पवन नन्दनाय स्वाहा ||
|| Hang Pawan Nandnaay Swaahaa ||

रुद्रात्मक हनुमान संहारक मंत्र

शत्रु दलन, तंत्र बाधा एवं घोर विपत्ति नाश हेतु अत्यंत गोपनीय व तीव्र मंत्र

|| हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ||
|| Hang Hanumate Rudraatmakaay Hung Phatt ||

महाबली आंजनेय रक्षा मंत्र

असाध्य रोग, ऊपरी हवा, भूत-पिशाच बाधा नाश हेतु 21000 जप फलदायी

|| ॐ नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा ||
|| Om Namo Bhagvate Aanjaneyaay Mahaabalaay Swaahaa ||

श्री हनुमान शाबर / विभीषण रक्षा मंत्र

लंका दहन एवं डाकिनी-शाकिनी बाधा नाशक सिद्ध मंत्र

|| ॐ ऐं ह्रीं हनुमते रामदूताय लंकाविध्वंसनाय अंजनी गर्भ संभूताय शाकिनी डाकिनी विध्वंसनाय किलिकिलि बुबुकारेण विभीषणाय हनुमद्देवाय ॐ ह्रीं श्रीं हौं हाँ फट् स्वाहा ||
|| Om Aing Hring Hanumate Ramdutay Lankavidhvansnay Anjani Garbh Sambhutay Shakini Dakini Vidhvanssnay Kilikili Bubukaren Vibhishanay Hanumaddevay Om Hring Shring Haung Ha Phat Swaha ||

आत्मोन्नति रुद्र गायत्री मंत्र

आत्मबल एवं रुद्रावतार हनुमान जी की कृपा प्राप्ति हेतु

|| ॐ तत्पुरुषाय विद्महे ,महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ||
|| Om Tatpurushaay Vidmahe ,Mahadevay Dheemahi Tanno Rudrah Prachodayat ||

अघोर रुद्र मंत्र

भय नाशक एवं सर्व रक्षा मंत्र

| ॐ अघोरेभ्योsथ घोरेभ्यो घोर घोरतरेभ्य: |
|| सर्वेभ्य: सर्व सर्वेभ्यो नमस्ते अस्तु रूद्र रुपेभ्य: ||
||| ॐ नमो भगवते रुद्राय |||
| Om Aghorebhyoath Ghorebhyo Ghor Ghoratebhyah |
|| Sarvebhyah Sarv Sarvebhyo Namaste Astu Rudra Rupebhyah ||
||| Om Namo Bhagwate Rudray |||

त्वरित रुद्र मंत्र

शीघ्र संकट निवारण हेतु

|| ॐ यो रुद्रोsन्गौ योsप्सुय ओषधीषु यो रुद्रो विश्वाभुवना-विवेश तस्मै रुद्राय नमोsस्तु ||
|| Om Yo Rudroangau Yoapsuy Oshadhishu Yo Rudro Vishvabhuvana-Vivesh Tasmai Rudray Namoastu ||

लघु मृत्युंजय मंत्र

स्वास्थ्य एवं आयु रक्षा हेतु

|| ॐ ह्रौं जूं सः ||
|| Om Hraung Jung Sah ||

दशाक्षरी मृत्युंजय रक्षा मंत्र

संकटों से रक्षा हेतु

|| ॐ जूं सः मां पालय-पालय ||
|| Om Jung Sah Mang Paalay-Paalay ||

द्वादशाक्षरी मृत्युंजय रक्षा मंत्र

संपूर्ण सुरक्षा एवं आरोग्य हेतु

|| ॐ जूं सः मां पालय-पालय सः जूं ॐ ||
|| Om Jung Sah Mang Paalay-Paalay Sah Jung Om ||

महामृत्युंजय महामंत्र

अकाल मृत्यु निवारण एवं अमरत्व प्रदायक शिव महामंत्र

| ॐ ह्रौं ॐ जूं सः भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकम् यजामहे सुगन्धिम् पुष्टिवर्धनम् |
|| उर्वारूकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात् भूर्भुवः स्वरों जूं सः ह्रौं ॐ ||
| Om Hruang Om Jung Sah Bhurbhuvah Swah Trayambakam Yajamahe Sugandhim Pustiwardham |
|| Urwarukmivbandhanaan Mrityormuksheey mamritat Bhurbhuvah Swaraung Jung Sah Hraung Om ||
डिजिटल जप माला काउंटर (108 Japa Mala)

हनुमान मंत्र - 108 जप साधना

स्क्रीन पर टैप करके या 'जप करें' बटन दबाकर 108 बार मंत्र का जाप पूरा करें। आपका जप रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा।

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