शारीरिक बल, साहस, भयमुक्ति, संकटमोचन एवं शनि-राहु पीड़ा शांति हेतु पवनपुत्र मंत्र
“महाबली संकटमोचन हनुमान जी असंभव को भी संभव करने वाले हैं। हनुमान मंत्र का नित्य जप समस्त प्रकार के भय, संकट, बाधाओं और नकारात्मक ऊर्जा का नाश करता है।”
जो साधक नियमित रूप से हनुमान मंत्र का जप करता है, उसे कभी भूत-पिशाच, ऊपरी बाधा या बुरी शक्तियों का भय नहीं सताता। हनुमान मंत्र का पाठ असीम आत्मबल, शौर्य और प्राण ऊर्जा प्रदान करता है। ज्योतिष के अनुसार, हनुमान जी की उपासना से शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और मंगल दोष के दुष्प्रभाव पूरी तरह शांत हो जाते हैं। बच्चों के मन से भय दूर करने के लिए भी यह मंत्र रामबाण है।
लाल वस्त्र, लाल आसन, सिंदूर, चमेली का तेल, लाल पुष्प (गुड़हल/गुलाब)
मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती, अमृत सिद्धि व सिद्ध योग
अनुष्ठान अनुसार 11,000, 21,000 अथवा प्रतिदिन 108 बार
श्री हनुमान जी भगवान शिव के ग्यारहवें रुद्रावतार हैं और प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त हैं। वे कलयुग के जाग्रत देव हैं जो अपने भक्तों की पुकार तुरंत सुनते हैं। हनुमान जी अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता हैं। वे बल, बुद्धि, विद्या और अतुलित पराक्रम के स्वामी होते हुए भी परम विनम्र और कृपालु हैं। उनकी शरण में आने वाले को निर्भयता और विजय का वरदान प्राप्त होता है।
हनुमान मंत्र का नित्य जप करने से असाध्य रोगों, अचानक आने वाले संकटों, कोर्ट-कचहरी और शत्रु बाधा से मुक्ति मिलती है। यह शरीर में स्फूर्ति, बल और पराक्रम का संचार करता है तथा आलस्य व डिप्रेशन को दूर करता है। पारिवारिक क्लेश, वैवाहिक अड़चनों, कर्जों और मानसिक तनाव को दूर करने में हनुमान मंत्र अत्यंत चमत्कारिक फल प्रदान करता है।
शारीरिक बल, ऊर्जा, आत्मविश्वास और संकट निवारण हेतु सर्वप्रिय मंत्र
शीघ्र मनोकामना पूर्ति एवं भयमुक्ति हेतु
शत्रु दलन, तंत्र बाधा एवं घोर विपत्ति नाश हेतु अत्यंत गोपनीय व तीव्र मंत्र
असाध्य रोग, ऊपरी हवा, भूत-पिशाच बाधा नाश हेतु 21000 जप फलदायी
लंका दहन एवं डाकिनी-शाकिनी बाधा नाशक सिद्ध मंत्र
आत्मबल एवं रुद्रावतार हनुमान जी की कृपा प्राप्ति हेतु
भय नाशक एवं सर्व रक्षा मंत्र
शीघ्र संकट निवारण हेतु
स्वास्थ्य एवं आयु रक्षा हेतु
संकटों से रक्षा हेतु
संपूर्ण सुरक्षा एवं आरोग्य हेतु
अकाल मृत्यु निवारण एवं अमरत्व प्रदायक शिव महामंत्र
स्क्रीन पर टैप करके या 'जप करें' बटन दबाकर 108 बार मंत्र का जाप पूरा करें। आपका जप रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा।