वैदिक ज्योतिष पोर्टल

सटीक गणनाएं व फ्री रिपोर्ट्स

Switch to English Website
For Developers Astrology & Panchang APIs ↗

सोमवार, 15 मई 2028 का पंचांग

सोमवार, 15 मई 2028 के लिए New Delhi, Delhi, IN, India का दैनिक पंचांग, जो Astrology Divine द्वारा तैयार किया गया है, एक गहरे ज्योतिषीय मार्गदर्शक का दर्शन है। वेदीय परंपराओं में निहित इस पंचांग में तिथि (चंद्रमा का दिन), नक्षत्र (नक्षत्र), योग और करण जैसे महत्वपूर्ण तत्वों को शामिल किया गया है। New Delhi, Delhi, IN के विशेष ऊर्जा के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया यह पंचांग हिन्दू परंपराओं का पालन करने वाले व्यक्तियों के लिए एक अमूल्य साधन है। शुभ और अशुभ समयों के सटीक इंजन मिलाकर, यह दैनिक पंचांग दैहिक गतिविधियों, धार्मिक कार्यों और सांस्कृतिक घटनाओं की योजना बनाने के लिए एक विश्वसनीय साथी बन जाता है। एस्ट्रोलॉजी डिवाइन सुनिश्चित करता है कि New Delhi, Delhi, IN में सोमवार, 15 मई 2028 को एक आध्यात्मिक और समर्थ प्रवृत्ति हो।

भद्रा काल (पाताल लोक)
समाप्ति: 01:50 PM
बाण: चोर
Theft / Loss

24 घंटे का दृश्य पंचांग टाइम-चार्ट

लाइव 12:09:47 PM
सोमवार, 15 मई 2028 New Delhi, Delhi, IN • सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक 24 घंटे का विस्तृत चक्र
शुभ मुहूर्त अशुभ काल दिन रात
24 घंटे देखने के लिए चार्ट को दायें-बायें स्वाइप करें 🌅 24H Cycle
दिन/रात
समय (24H)
तिथि
नक्षत्र
योग
करण
काल / मुहूर्त
दिन का समय (Daytime)
रात्रि काल (Nighttime)
05:30 AM
07:05 PM
05:30 AM
6 AM
9 AM
12 PM
3 PM
6 PM
9 PM
12 AM
3 AM
सप्तमी (कृष्ण) तक 02:52 AM
अष्टमी (कृष्ण) तक 05:23 AM
श्रवण तक 10:56 PM
धनिष्ठा तक 01:57 AM
शुक्ल तक 02:40 PM
ब्रह्म तक 03:34 PM
विष्टि ⚠️ तक 01:50 PM
बालव तक 04:11 PM
भद्रा
राहुकाल
कंटक
कालवेला
यमगण्ड
अमृत काल
अभिजित
यमघण्ट
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
विजय मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
कुलीक
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
वर्ज्यम
ब्रह्म मुहूर्त
किसी भी खंड पर होवर / टैप करके वैदिक प्रभाव व समय देखें। सोमवार, 15 मई 2028 | New Delhi, Delhi, IN
सूर्य एवं चंद्र चक्र ग्रीष्म Ritu
सूर्योदय 05:30 AM
सूर्यास्त 07:05 PM
चंद्रोदय 12:03 AM
चंद्रास्त 11:05 AM
सूर्य राशि वृषभ वृषभ ♉︎ नक्षत्र: कृत्तिका (पद 2) • स्वामी: सूर्य
चंद्र राशि मकर मकर ♑ नक्षत्र: श्रवण (पद 2) • स्वामी: चंद्र
अयाना उत्तरायण हर साल ‘मकर संक्रांति’ से शुरू होने वाला यह चरण उत्तर की ओर सूर्य की गति का प्रतीक है। इस अत्यंत शुभ अंतराल के दौरान, दिन के घंटे (दिनमान) लगातार बढ़ते हैं जबकि रात के घंटे (रात्रिमान) घटते हैं। सूर्योदय की दिशा दक्षिण-पूर्व से उत्तर-पूर्व की ओर स्थानांतरित हो जाती है। इस अवधि में शिशिर (शीत), वसंत और ग्रीष्म (गर्मी) की ऋतुएं शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक दो महीने तक चलती है।
ऋतू ग्रीष्म
दिनमान / रात्रिमान 13:34:41 / 10:24:45
मध्याह्न (सौर दोपहर) 12:18 PM
पंचांग तत्व 5 Core Angas
तिथि सप्तमी कृष्ण Paksha 02:52 AM (अगले दिन) तक देवता: इंद्र • प्रकृति: भद्रा • अगली तिथि: अष्टमी (कृष्ण)
नक्षत्र श्रवण Pad 2 10:56 PM तक देवता: विष्णु (पालनहार) • स्वामी: चंद्र (पृथ्वी) • अगला नक्षत्र: धनिष्ठा
योग शुक्ल 02:40 PM तक उज्ज्वल — चंचल और परिवर्तनशील स्वभाव। • अगला योग: ब्रह्म
करण विष्टि 01:50 PM तक अगला करण: बव
वार (दिन) सोमवार (सोमवार)
हिंदू महीना और वर्ष Vedic Era
विक्रम संवती 2085 दुर्मति स्वामी: मंगल • इस वर्ष जन्मे व्यक्ति स्वार्थी, असहायक होंगे और दूसरों को हानि पहुँचा सकते हैं।
शक संवती 1950 कीलक स्वामी: विष्णु • इस वर्ष जन्मे व्यक्ति के व्यक्तित्व में थोड़ा तेज कम हो सकता है, पर वे अच्छी वाणी वाले और क्रोधी हो सकते हैं।
गुजराती संवत 2084 रौद्री स्वामी: चंद्र
कलि संवत / कलियुग 5128
पूर्णिमांत / अमांता ज्येष्ठ / वैशाख
प्रविष्टे (सौर दिवस) 1
लाहिड़ी अयनांश 24.260121°
शुभ समय (Shubh Kaal) Auspicious
अभिजीत मुहूर्त 11:51 AM – 12:45 PM
ब्रह्म मुहूर्त 04:07 AM – 04:49 AM
विजय मुहूर्त 02:34 PM – 03:28 PM
गोधूलि मुहूर्त 07:05 PM – 07:26 PM
अमृत काल
11:24 AM – 01:11 PM
निशीथ काल (मध्यरात्रि) 11:57 PM – 12:38 AM (अगले दिन)
प्रातः संध्या 04:28 AM – 05:30 AM
सायं संध्या 07:05 PM – 08:08 PM
आज के शुभ योग:
सर्वार्थ सिद्धि योग एक ऐसा योग जो सभी (सर्व) कार्यों में सफलता (सिद्धि) प्रदान करता है। अधिकांश नए कार्यों को शुरू करने के लिए शुभ।
रवि योग सूर्य और चंद्रमा द्वारा निर्मित एक शक्तिशाली योग। यह अशुभ प्रभावों को नष्ट करने के लिए जाना जाता है और नई शुरुआत के लिए उत्कृष्ट है।
अशुभ समय (Ashubh Kaal) शुभ कार्य वर्जित
राहु काल 07:12 AM – 08:54 AM
यमगण्ड काल 10:36 AM – 12:18 PM
गुलिक काल 02:00 PM – 03:41 PM
दूर मुहूर्त
12:45 PM – 01:39 PM
03:28 PM – 04:22 PM
कुलीक काल 03:28 PM – 04:22 PM
कंटक काल 08:13 AM – 09:08 AM
कालवेला काल 10:02 AM – 10:56 AM
वर्ज्यम्
12:45 AM – 02:32 AM
भद्रा काल 12:49 AM – 01:50 PM
हवन, रुद्राभिषेक व यात्रा विचार अनुष्ठान मुहूर्त
अग्निवास (हवन/यज्ञ) पृथ्वी पर
सर्व सिद्धिप्रद (पूर्ण सफलता)
अग्नि का वास पृथ्वी पर है। हवन एवं यज्ञ अनुष्ठान के लिए अत्यंत शुभ फलदायी।
शिववास (रुद्राभिषेक) श्मशान में
मृत्यु कष्ट (अत्यंत कष्ट)
भगवान शिव श्मशान में लीन हैं। रुद्राभिषेक के लिए त्याज्य / वर्जित।
दिशा शूल पूर्व
उपाय: दर्पण में मुख देखकर या दूध पीकर निकलें
होमाहुति ग्रह मंगल (♂)
चंद्र निवास दक्षिणराहु वास: उत्तर-पश्चिम
आनंददी योग सिद्धि
कार्य में सफलता (कार्य सिद्धि)
वर्ष का मन्त्रिमण्डल (संवत 2085) Mantri Mandala
राजा (Supreme Ruler)
शनि
मन्त्री (Prime Minister)
गुरु
सेनाधिपति (Defense)
बुध
धान्याधिपति (Rabi Crops)
शुक्र
सस्याधिपति (Kharif Harvest)
शनि
मेघाधिपति (Rain & Clouds)
बुध
धनाधिपति (Treasury & Wealth)
शनि
रसाधिपति (Liquids & Dairy)
चंद्र
अन्य कैलेंडर एवं युग काल गणना Epoch Chronology
कलियुग वर्ष 5129 वर्ष
कलि अहर्गण 1873441 दिन
राष्ट्रीय सौर दिनांक 🇮🇳वैशाख 25, 1950 शक
राष्ट्रीय निरयण दिनांक 🇮🇳ज्येष्ठ 03, 1950 शक
लाहिड़ी अयनांश 24.260121°
Rata Die 740482
जूलियन दिनांक मई 02, 2028 ईस्वी
जूलियन दिवस / MJD 2461906.5 Days / 61906 Days
दैनिक लग्न कुण्डली एवं ग्रह गोचर स्थिति

सूर्योदय कालीन आकाशीय ग्रह स्थिति एवं लग्न चक्र

सूर्योदय चक्र 15 May 2028
123456789101112मं, सू, बु, शुकेगुचं, रा
दैनिक लग्न चक्र (New Delhi, Delhi, IN के अनुसार)
ग्रह राशि अंश नक्षत्र (पद) गति
सूर्य वृषभवृषभ 00° 26' कृत्तिका पद 2 मार्गी (D)
चंद्र मकरमकर 14° 36' श्रवण पद 2 मार्गी (D)
मंगल मेषमेष 18° 27' भरणी पद 2 मार्गी (D)
बुध वृषभवृषभ 20° 25' रोहिणी पद 4 मार्गी (D)
गुरु सिंहसिंह 23° 17' पूर्वा फाल्गुनी पद 3 मार्गी (D)
शुक्र वृषभवृषभ 25° 06' मृगशिरा पद 1 वक्री (R)
शनि मेषमेष 09° 45' अश्विनी पद 3 मार्गी (D)
राहु मकरमकर 02° 06' उत्तराषाढ़ा पद 2 वक्री (R)
केतु कर्ककर्क 02° 06' पुनर्वसु पद 4 वक्री (R)
लग्न मेषमेष 29° 20' कृत्तिका पद 1 मार्गी (D)
क्या आप पर चल रही है साढ़े साती या महादशा? अपनी जन्म कुंडली के साथ आज के गोचर का सटीक प्रभाव जानें।
व्हाट्सएप पर आज का पंचांग साझा करें

परिवार और मित्रों को आज की तिथि, नक्षत्र व शुभ मुहूर्त भेजें।

FOR DEVELOPERS वैदिक एस्ट्रो-टेक इंजन
सटीक वैदिक पंचांग गणनाएं Powered by AstroInsight API

क्या आप अपनी वेबसाइट या मोबाइल ऐप में पंचांग, कुंडली व मुहूर्त इंटीग्रेट करना चाहते हैं?

वैदिक ज्ञान एवं मार्गदर्शन

वैदिक पंचांग के 5 मुख्य अंग (पंच-अंग)

संस्कृत शब्द पंचांग दो शब्दों से बना है: पंच (पांच) + अंग (तत्व या भाग)। अपने शुभ कार्यों व दैनिक गतिविधियों को इन खगोलीय ऊर्जाओं के साथ जोड़ना सफलता, मानसिक शांति और समृद्धि लाता है।

1. तिथि (Lunar Day)

सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12° की कोणीय दूरी को एक तिथि कहा जाता है। एक चंद्र मास में कुल 30 तिथियां होती हैं, जो शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा) और कृष्ण पक्ष (घटता चंद्रमा) में 15-15 तिथियों में विभाजित होती हैं। तिथि कार्य की भावनात्मक ऊर्जा तय करती है।

2. नक्षत्र (Lunar Mansion)

आकाश मंडल 13°20' के 27 नक्षत्रों में विभाजित है। किसी समय विशेष पर चंद्रमा जिस नक्षत्र में गोचर कर रहा होता है, वह उस समय की मानसिक वृत्ति, यात्रा, विवाह और महत्वपूर्ण कार्यों के फल को सबसे अधिक प्रभावित करता है।

3. योग (Luni-Solar Harmony)

सूर्य और चंद्रमा के निरयण देशांतर के जोड़ को 27 भागों में बांटने से 27 योग बनते हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, और रवि योग जैसे शुभ योग सभी दोषों को शांत कर कार्यों में निश्चित सफलता दिलाते हैं।

4. करण (Half Tithi)

एक तिथि के आधे भाग (6° दूरी) को करण कहा जाता है। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)। करण सूक्ष्म समय-खंड होता है जो व्यापार, आर्थिक निवेश, यात्रा और निर्माण कार्यों का सटीक मुहूर्त तय करता है।

5. वार (Solar Weekday)

स्थानीय सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक की अवधि 'वार' कहलाती है। प्रत्येक वार के अधिष्ठाता ग्रह होते हैं (रविवार-सूर्य, सोमवार-चंद्र, मंगलवार-मंगल, बुधवार-बुध, गुरुवार-गुरु, शुक्रवार-शुक्र, शनिवार-शनि)।

राहुकाल में शुभ कार्य क्यों वर्जित हैं?

प्रतिदिन लगभग 90 मिनट की अवधि छाया ग्रह राहु के आधिपत्य में होती है। नया व्यवसाय शुरू करना, अनुबंध पर हस्ताक्षर, विवाह, गृह प्रवेश या वाहन खरीद जैसे मांगलिक कार्य राहुकाल में करने से विघ्न आने की संभावना रहती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दैनिक पंचांग से जुड़े सामान्य प्रश्न

हिन्दू पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ज्योतिषीय गणना से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न व उत्तर।

दृक पंचांग की गणना आधुनिक खगोलीय वेधशालाओं (NASA/JPL Ephemeris) द्वारा प्रमाणित प्रत्यक्ष आकाश में ग्रहों की वास्तविक स्थिति (चित्रापक्षीय/लाहिड़ी अयनांश) पर आधारित होती है। पारंपरिक सूर्य सिद्धांत प्राचीन औसत गति सूत्रों का उपयोग करता है। एस्ट्रोलॉजी डिवाइन शुद्ध और सटीक दृक गणित का उपयोग करता है ताकि आपको सही सूर्योदय और मुहूर्त समय मिल सके।

स्थानीय दोपहर के मध्य समय से लगभग 24 मिनट पहले और 24 मिनट बाद (कुल 48 मिनट) की अवधि को अभिजित मुहूर्त कहा जाता है। भगवान श्री हरि विष्णु के आशीर्वाद से युक्त यह मुहूर्त अधिकांश सूक्ष्म दोषों को नष्ट करने में समर्थ होता है और यात्रा, नए कार्य, गृह प्रवेश या व्यापार आरंभ करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है (बुधवार को छोड़कर)।

वैदिक ज्योतिष में दिन की गणना स्थानीय सूर्योदय से होती है। किसी स्थान के अक्षांश (Latitude), देशांतर (Longitude) और ऊंचाई के कारण वहां सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में अंतर आता है, जिससे राहुकाल, चौघड़िया और तिथि समाप्ति काल भी कुछ मिनट भिन्न होते हैं।

पूर्णिमांत कैलेंडर में महीने का अंत पूर्णिमा (Full Moon Day) पर होता है, जो मुख्य रूप से उत्तर भारतीय राज्यों (राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा) में प्रचलित है। अमान्त कैलेंडर में महीने का अंत अमावस्या (New Moon Day) पर होता है, जो गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में मान्य है।

दिशा शूल की दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता। यदि यात्रा अति आवश्यक हो, तो वार अनुसार वैदिक उपाय करके ही निकलें: रविवार (पान या घी खाकर), सोमवार (दर्पण देखकर या दूध पीकर), मंगलवार (गुड़ या धनिया खाकर), बुधवार (तिल या गुड़ खाकर), गुरुवार (दही या पीली सरसों खाकर), शुक्रवार (दही या जौ खाकर), शनिवार (अदरक या उड़द खाकर)
स्थान अनुसार वैदिक पंचांग

प्रमुख धार्मिक तीर्थ व शहरों का दैनिक पंचांग

प्रत्येक स्थान के सटीक अक्षांश (Latitude) व देशांतर (Longitude) अनुसार स्थानीय सूर्योदय, सूर्यास्त, तिथि व शुभ मुहूर्त।

Astrology Divine AI AI Astrology Divine AI LIVE
Daily Morning Astrology Alerts
100% Free • No Spam

Get notified every morning with today's Tithi, Shubh Muhurat, Rahukaal and Daily Horoscope directly on your screen.

Daily Alerts Active
Delivered Every Morning 6:00 AM

You are currently subscribed to receive daily morning Panchang and Horoscope alerts on this device.